शनिवार, 10 जनवरी 2015

व्यंग्य/वेलकम न्यू ईयर



व्यंग्य/वेलकम न्यू ईयर

अच्छा ही हुआ 2014 जो तुम चले गए।जाना तो तुम्हें था ही क्योंकि जो आता है,उसे एक ना एक दिन जाना ही होता है।यही सृष्टि का नियम है।यहां कोई भी अमरपट्टा लिखाकर नहीं आया।तुम्हें बता दें कि हम तो उगते सूरज को सलाम और जाने वालों को राम-राम करते हैं।तो,तुम्हें राम-राम।हम नए साल यानि 2015 का स्वागत करने में व्यस्त हैं,इसलिए तुम्हें ठीक से विदाई भी नहीं दे पाये।हमें माफ करना,न भी करोगे तो हमारी सेहत पर क्या फर्क पड़ेगा।तुमसे हमारा लेना देना भी क्या।हमें तो अब नए साल से काम है।एक बात आपको बता देते हैं,जिससे तुम्हें थोड़ा संतोष होगा कि जब साल 2016 आयेगा ना,तब हम वर्तमान साल के साथ भी यही सलूक करेंगे जो तुम्हारे साथ कर रहे हैं।कहते हैं न जब जहाज डूबता है तो चूहे सबसे पहले कूदते हैं,तो बस समझ लो कि हम भी एक किस्म के चूहे ही हैं।हम तो ऐसे लोग हैं कि जाने वाले के पीछे मुड़कर भी नहीं देखते,बल्कि धक्का और दे देते हैं,चाहे उसने हम पर कितना ही उपकार क्यों ना किया हो। हमारी फितरत ही कुछ ऐसी है कि भले ही हमें दुनिया में सब जीवों में श्रेष्ठ माना जाता हो,लेकिन हम श्रेष्ठ हैं नहीं। श्रेष्ठता का मायाजाल हमारा ही रचा हुआ है।फिर तुम तो सिर्फ कैलेंडर भर हो,
तुम्हारी तो बिसात ही क्या। वैसे तुमने किया भी क्या हमारे लिए जो हम याद रखें।हम तो जिन्हे याद करना चाहिए उनको भी याद नहीं करते।कितने ही महान नेता हमारे यहां हुए हैं,जिन्होंने कुर्बानियां देकर हमें खुली हवा में सांस लेने की आजादी दिलाई,लेकिन हम उन्हें भी सिर्फ स्वार्थवश ही यानी उनका नाम भुनाने के लिए ही याद करते हैं।हमारी युवा पीढ़ी ने तुम्हें रात बारह बजे तक जागकर याद किया,खूब मस्ती की,नाचे-गाये और ना जाने क्या क्या किया,तुम चाहो तो उसे अपनी विदाई मान लो।तुम्हारा गुणगान करने से साल 2015 नाराज हो जाएगा,इसलिए तुम हमें भूल जाओ,हम भी तुम्हें भूलने जा रहे हैं। हम ऐसे ही हैं,हम कभी नहीं बदलेंगे,बस कैलेंडर बदलते रहेंगे।इसी में हमारी और तुम्हारी भलाई है।नयासाल,हम तुम्हारा हृदय से स्वागत करते हैं।जरा,हमारा ख्याल रखना,इस साल को हमारे लिए गौरवशाली, समृद्धिशाली और खुशहाल बना देना,हमारी सेहत बढ़िया रखना,हमारी सारी मनोकामनाएं पूरी करना,हमारा रोजगार बढ़ा देना,हमारे परिवार में जो-जो भी दुखिया जीव हैं,उन सब पर अपनी सारी खुशियां न्योछावर कर देना।हम और हमारा देश ना पहले कभी सुधरा जो अब सुधरेगा।वेलकम न्यू ईयर। 
-फारूक आफरीदी

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